न्यूयॉर्क - इस बात को अधिकाधिक मान्यता मिल रही है कि विशेष संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में 25 सितंबर को जो सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) अपनाए जाएँगे उनकी सफलता सरकारों, कारोबारों, और नागरिक समाज की निर्णय लेने के लिए डेटा का उपयोग करने की क्षमता पर निर्भर करेगी। जैसा कि मैं पहले भी उल्लेख कर चुका हूँ, इसमें मुख्य बात ऐसी नवोन्मेषी डेटा प्रणालियों के निर्माण में निवेश करने की है, जिनमें सतत विकास के लिए वास्तविक समय डेटा के नए स्रोतों से जानकारी प्राप्त की जाती है।
हम डेटा संचालित दुनिया में रहते हैं। विज्ञापनदाताओं, बीमा कंपनियों, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों, और राजनीतिक सलाहकारों ने पहले ही विशाल डेटा का उपयोग करना सीख लिया है जिस पर हमें कभी-कभी हैरानी होती है; इसी तरह अनगिनत वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने भी इसे सीख लिया है, जिससे वे नई खोजों पर तेजी से प्रगति कर रहे हैं। लेकिन वैश्विक विकास समुदाय को इसका लाभ धीमी गति से मिल रहा है, इसका एक कारण यह भी है कि बहुत अधिक विकास डेटा का संग्रहण अभी भी ऐसे दुरूह तरीकों से किया जा रहा है जो आज की प्रौद्योगिकी क्षमताओं की दृष्टि से पिछड़े हुए हैं।
डेटा संग्रह में सुधार लाने और उसका उपयोग सतत विकास के लिए करने का एक तरीका यह है कि सेवाएँ प्रदान करने और निर्णय लेने के लिए डेटा के संग्रह और प्रसंस्करण के बीच एक सक्रिय संबद्धता स्थापित की जाए। स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को लें। विकासशील देशों के दूरदराज के गांवों में, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता हर दिन, रोगियों को रोगों (जैसे मलेरिया) से लड़ने, जाँच के लिए क्लीनिकों में जाने, महत्वपूर्ण टीकों को लगवाने, (टेलीमेडिसिन के माध्यम से) निदान प्राप्त करने, और उनके शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए आपातकालीन सहायता (जैसे जीर्ण अल्प-पोषण के लिए) प्राप्त करने में मदद करते हैं। लेकिन इस तरह के विज़िटों के संबंध में जानकारी आम तौर पर एकत्र नहीं की जाती है, और भले ही इसका लिखित रिकॉर्ड रख भी लिया जाता हो, तो भी इसका कभी दुबारा उपयोग नहीं किया जाता है।
अब हमारे पास आगे बढ़ने के लिए एक बहुत ही स्मार्ट रास्ता है। सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अधिकाधिक स्मार्ट फोन अनुप्रयोग उपलब्ध होने लगे हैं जिनका उपयोग वे प्रत्येक विज़िट पर रोगी की जानकारी को दर्ज करने के लिए कर सकते हैं। यह जानकारी सीधे सार्वजनिक स्वास्थ्य डैशबोर्ड पर जा सकती है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य प्रबंधक आपूर्ति शृंखला में बीमारियों के फैलने, सप्लाई चेनों की विफलताओं, या तकनीकी स्टाफ को बढ़ाने की जरूरत पर नज़र रखने के लिए कर सकते हैं। इस तरह की प्रणालियाँ जन्म और मृत्यु सहित महत्वपूर्ण घटनाओं का एक वास्तविक समय लॉग उपलब्ध करती हैं, और यहाँ तक कि मौत के कारणों की पहचान करने में मदद करने के लिए तथाकथित मौखिक पोस्टमार्टम का भी उपयोग करती हैं। और, इलेक्ट्रॉनिक चिकित्सीय रिकॉर्ड के अंश के रूप में, जानकारी को डॉक्टर के पास भविष्य में विज़िट करने पर या अनुवर्ती विज़िट या चिकित्सा हस्तक्षेप की जरूरत के बारे में रोगियों को याद दिलाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
शिक्षा इसी तरह का विशाल अवसर प्रदान करती है। वर्तमान में, स्कूल नामांकन दरों की गणना स्कूल वर्ष की शुरूआत में छात्र पंजीकरणों के आधार पर की जाती है, चाहे वह वास्तविक उपस्थिति पंजीकरण दर से बहुत कम भी क्यों न हो। इसके अलावा, जो अधिकारी उच्च नामांकन दरें सूचित करना चाहते हैं वे कभी-कभी पंजीकरण आंकड़ों में हेरफेर करते हैं, इसलिए हमें इसकी सही-सही सूचना कभी भी नहीं मिल पाती है कि स्कूल में वास्तव में कितने विद्यार्थी हैं।
मोबाइल एप्लिकेशनों के साथ, स्कूल और सामुदायिक शिक्षा कार्यकर्ता छात्र और शिक्षक की उपस्थिति को पारदर्शी, वास्तविक समय के आधार पर लॉग कर सकते हैं, और स्कूल छोड़कर जानेवाले छात्रों के बारे में और अधिक आसानी से अनुवर्ती कार्रवाई कर सकते हैं, विशेष रूप से जिन्होंने ऐसे कारणों से स्कूल छोड़ा हो जिन्हें सामुदायिक शिक्षा कार्यकर्ताओं द्वारा सूचित हस्तक्षेप के माध्यम से दूर किया जा सकता है। यह जानकारी डैशबोर्डों में स्वचालित रूप से दर्ज की जा सकती है जिसका उपयोग शिक्षा व्यवस्थापक प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति पर नज़र रखने के लिए कर सकते हैं।
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इस तरह के डेटा संग्रह निर्णय लेने में सुधार के द्वारा सतत विकास में तेजी लाने में मदद कर सकते हैं। लेकिन यह केवल पहला कदम है। ऐसी ही तकनीकों का उपयोग एसडीजी के बारे में हुई प्रगति को मापने वाले कुछ प्रमुख संकेतकों को इकट्ठा करने के लिए भी किया जाना चाहिए।
वास्तव में, लगातार अंतरालों पर प्रगति को मापना, और सफलताओं और खामियों का प्रचार करना दुनिया को अपने महत्वाकांक्षी दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उसे सही राह पर रखने के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसा करने से हम न केवल प्रगति को बढ़ावा देने वाली सरकारों को पुरस्कृत करने में सक्षम हो पाएंगे; बल्कि इससे सुस्त सरकारों को उनके कमजोर प्रदर्शन के लिए जवाबदेह भी ठहराया जा सकेगा और उम्मीद की जा सकती है कि उन्हें उनके प्रयासों को दुगुना-चौगुना करने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।
इस तरह के वास्तविक समय माप की जरूरत पिछले 15 वर्षों के दौरान तब स्पष्ट हो गई थी जब दुनिया सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों का पालन कर रही थी। यह देखते हुए कि कई महत्वपूर्ण संकेतक अभी तक वास्तविक समय में एकत्र नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि केवल श्रमसाध्य पूर्वव्यापी घरेलू सर्वेक्षणों के माध्यम से किए जा रहे हैं, गरीबी में कमी के लक्ष्य के लिए संकेतक कई देशों के लिए पांच साल जितने अधिक पुराने हैं। दुनिया गरीबी, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए 2015 के लक्ष्यों का लक्ष्य लेकर चल रही है, कुछ मामलों में तो प्रमुख डेटा केवल 2010 तक के ही हैं।
सौभाग्य से, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी की क्रांति और ब्रॉडबैंड का लगभग हर जगह प्रसार होने से इस तरह के समय अंतराल शीघ्र ही अतीत की बात हो सकते हैं। जैसा कि दुनिया जो मायने रखती है:सतत विकास के लिए डेटा क्रांति को जुटाना रिपोर्ट में बताया गया है, हमें सांख्यिकीय कार्यालयों और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रयुक्त प्रथाओं का आधुनिकीकरण करना चाहिए, और डेटा के नए स्रोतों का उपयोग ऐसे विचारशील और रचनात्मक तरीके से करना चाहिए जो पारंपरिक तरीकों का पूरक हो।
सेवा प्रदान करने, आर्थिक लेन-देनों, और रिमोट सेंसिंग के दौरान एकत्र किए गए स्मार्ट डेटा का अधिक प्रभावी उपयोग करके चरम गरीबी के खिलाफ लड़ाई को तेज़ किया जा सकेगा; वैश्विक ऊर्जा प्रणाली को बहुत अधिक कुशल और कम प्रदूषण फैलानेवाला बनाया जाएगा; और स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को बहुत अधिक प्रभावी और सुलभ बनाया जाएगा।
इस सफलता को देखते हुए, संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई सरकारों, और साथ ही कारोबारों और अन्य सहयोगियों ने इस महीने संयुक्त राष्ट्र में एक नई 'सतत विकास डेटा के लिए वैश्विक भागीदारी' शुरू करने की योजना की घोषणा की है। इस नई भागीदारी का उद्देश्य, अधिक धन जुटाकर, ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करके, डेटा तक पहुंच और उसके उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण बाधाओं के बारे में कार्रवाई करके, और दुनिया की सांख्यिकीय प्रणालियों के उन्नयन के लिए विशाल डेटा की नई रणनीतियों की पहचान करके डेटा संग्रहण और उसकी निगरानी के प्रयासों को मजबूत करना है।
संयुक्त राष्ट्र सतत विकास के लिए समाधान नेटवर्क एक नया सतत विकास के लिए डेटा पर विषय-क्षेत्र संबंधी नेटवर्क तैयार करके एक नई वैश्विक भागीदारी का समर्थन करेगा, जो डेटा उत्कृष्टता का एक केंद्र स्थापित करने के लिए विविध क्षेत्रों और विषयों से जुड़े प्रमुख डेटा वैज्ञानिकों, विचारकों, और शिक्षाविदों को एक मंच पर लाएगा। हमें प्रसन्नता है कि हम इस नेटवर्क की अध्यक्षता कर रहे है जिसके मूल में यह प्रतिबद्धता है कि तथ्यों और आंकड़ों को वास्तविक विकास की प्रगति में रूपांतरित किया जाए। हमारा यह दृढ़ विश्वास है कि डेटा क्रांति सतत विकास के लिए एक क्रांति सिद्ध हो सकती है, और हम दुनिया भर से भागीदारों का स्वागत करते हैं कि वे हमारे साथ शामिल हों।
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Donald Trump and Elon Musk's reign of disruption is crippling research universities’ ability to serve as productive partners in innovation, thus threatening the very system that they purport to celebrate. The Chinese, who are increasingly becoming frontier innovators in their own right, will be forever grateful.
warns that the pillars of US dynamism and competitiveness are being systematically toppled.
US Treasury Secretary Scott Bessent’s defense of President Donald Trump’s trade tariffs as a step toward “rebalancing” the US economy misses the point. While some economies, like China and Germany, need to increase domestic spending, the US needs to increase national saving.
thinks US Treasury Secretary Scott Bessent is neglecting the need for spending cuts in major federal programs.
न्यूयॉर्क - इस बात को अधिकाधिक मान्यता मिल रही है कि विशेष संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में 25 सितंबर को जो सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) अपनाए जाएँगे उनकी सफलता सरकारों, कारोबारों, और नागरिक समाज की निर्णय लेने के लिए डेटा का उपयोग करने की क्षमता पर निर्भर करेगी। जैसा कि मैं पहले भी उल्लेख कर चुका हूँ, इसमें मुख्य बात ऐसी नवोन्मेषी डेटा प्रणालियों के निर्माण में निवेश करने की है, जिनमें सतत विकास के लिए वास्तविक समय डेटा के नए स्रोतों से जानकारी प्राप्त की जाती है।
हम डेटा संचालित दुनिया में रहते हैं। विज्ञापनदाताओं, बीमा कंपनियों, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों, और राजनीतिक सलाहकारों ने पहले ही विशाल डेटा का उपयोग करना सीख लिया है जिस पर हमें कभी-कभी हैरानी होती है; इसी तरह अनगिनत वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने भी इसे सीख लिया है, जिससे वे नई खोजों पर तेजी से प्रगति कर रहे हैं। लेकिन वैश्विक विकास समुदाय को इसका लाभ धीमी गति से मिल रहा है, इसका एक कारण यह भी है कि बहुत अधिक विकास डेटा का संग्रहण अभी भी ऐसे दुरूह तरीकों से किया जा रहा है जो आज की प्रौद्योगिकी क्षमताओं की दृष्टि से पिछड़े हुए हैं।
डेटा संग्रह में सुधार लाने और उसका उपयोग सतत विकास के लिए करने का एक तरीका यह है कि सेवाएँ प्रदान करने और निर्णय लेने के लिए डेटा के संग्रह और प्रसंस्करण के बीच एक सक्रिय संबद्धता स्थापित की जाए। स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को लें। विकासशील देशों के दूरदराज के गांवों में, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता हर दिन, रोगियों को रोगों (जैसे मलेरिया) से लड़ने, जाँच के लिए क्लीनिकों में जाने, महत्वपूर्ण टीकों को लगवाने, (टेलीमेडिसिन के माध्यम से) निदान प्राप्त करने, और उनके शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए आपातकालीन सहायता (जैसे जीर्ण अल्प-पोषण के लिए) प्राप्त करने में मदद करते हैं। लेकिन इस तरह के विज़िटों के संबंध में जानकारी आम तौर पर एकत्र नहीं की जाती है, और भले ही इसका लिखित रिकॉर्ड रख भी लिया जाता हो, तो भी इसका कभी दुबारा उपयोग नहीं किया जाता है।
अब हमारे पास आगे बढ़ने के लिए एक बहुत ही स्मार्ट रास्ता है। सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अधिकाधिक स्मार्ट फोन अनुप्रयोग उपलब्ध होने लगे हैं जिनका उपयोग वे प्रत्येक विज़िट पर रोगी की जानकारी को दर्ज करने के लिए कर सकते हैं। यह जानकारी सीधे सार्वजनिक स्वास्थ्य डैशबोर्ड पर जा सकती है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य प्रबंधक आपूर्ति शृंखला में बीमारियों के फैलने, सप्लाई चेनों की विफलताओं, या तकनीकी स्टाफ को बढ़ाने की जरूरत पर नज़र रखने के लिए कर सकते हैं। इस तरह की प्रणालियाँ जन्म और मृत्यु सहित महत्वपूर्ण घटनाओं का एक वास्तविक समय लॉग उपलब्ध करती हैं, और यहाँ तक कि मौत के कारणों की पहचान करने में मदद करने के लिए तथाकथित मौखिक पोस्टमार्टम का भी उपयोग करती हैं। और, इलेक्ट्रॉनिक चिकित्सीय रिकॉर्ड के अंश के रूप में, जानकारी को डॉक्टर के पास भविष्य में विज़िट करने पर या अनुवर्ती विज़िट या चिकित्सा हस्तक्षेप की जरूरत के बारे में रोगियों को याद दिलाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
शिक्षा इसी तरह का विशाल अवसर प्रदान करती है। वर्तमान में, स्कूल नामांकन दरों की गणना स्कूल वर्ष की शुरूआत में छात्र पंजीकरणों के आधार पर की जाती है, चाहे वह वास्तविक उपस्थिति पंजीकरण दर से बहुत कम भी क्यों न हो। इसके अलावा, जो अधिकारी उच्च नामांकन दरें सूचित करना चाहते हैं वे कभी-कभी पंजीकरण आंकड़ों में हेरफेर करते हैं, इसलिए हमें इसकी सही-सही सूचना कभी भी नहीं मिल पाती है कि स्कूल में वास्तव में कितने विद्यार्थी हैं।
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वास्तव में, लगातार अंतरालों पर प्रगति को मापना, और सफलताओं और खामियों का प्रचार करना दुनिया को अपने महत्वाकांक्षी दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उसे सही राह पर रखने के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसा करने से हम न केवल प्रगति को बढ़ावा देने वाली सरकारों को पुरस्कृत करने में सक्षम हो पाएंगे; बल्कि इससे सुस्त सरकारों को उनके कमजोर प्रदर्शन के लिए जवाबदेह भी ठहराया जा सकेगा और उम्मीद की जा सकती है कि उन्हें उनके प्रयासों को दुगुना-चौगुना करने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।
इस तरह के वास्तविक समय माप की जरूरत पिछले 15 वर्षों के दौरान तब स्पष्ट हो गई थी जब दुनिया सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों का पालन कर रही थी। यह देखते हुए कि कई महत्वपूर्ण संकेतक अभी तक वास्तविक समय में एकत्र नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि केवल श्रमसाध्य पूर्वव्यापी घरेलू सर्वेक्षणों के माध्यम से किए जा रहे हैं, गरीबी में कमी के लक्ष्य के लिए संकेतक कई देशों के लिए पांच साल जितने अधिक पुराने हैं। दुनिया गरीबी, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए 2015 के लक्ष्यों का लक्ष्य लेकर चल रही है, कुछ मामलों में तो प्रमुख डेटा केवल 2010 तक के ही हैं।
सौभाग्य से, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी की क्रांति और ब्रॉडबैंड का लगभग हर जगह प्रसार होने से इस तरह के समय अंतराल शीघ्र ही अतीत की बात हो सकते हैं। जैसा कि दुनिया जो मायने रखती है:सतत विकास के लिए डेटा क्रांति को जुटाना रिपोर्ट में बताया गया है, हमें सांख्यिकीय कार्यालयों और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रयुक्त प्रथाओं का आधुनिकीकरण करना चाहिए, और डेटा के नए स्रोतों का उपयोग ऐसे विचारशील और रचनात्मक तरीके से करना चाहिए जो पारंपरिक तरीकों का पूरक हो।
सेवा प्रदान करने, आर्थिक लेन-देनों, और रिमोट सेंसिंग के दौरान एकत्र किए गए स्मार्ट डेटा का अधिक प्रभावी उपयोग करके चरम गरीबी के खिलाफ लड़ाई को तेज़ किया जा सकेगा; वैश्विक ऊर्जा प्रणाली को बहुत अधिक कुशल और कम प्रदूषण फैलानेवाला बनाया जाएगा; और स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को बहुत अधिक प्रभावी और सुलभ बनाया जाएगा।
इस सफलता को देखते हुए, संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई सरकारों, और साथ ही कारोबारों और अन्य सहयोगियों ने इस महीने संयुक्त राष्ट्र में एक नई 'सतत विकास डेटा के लिए वैश्विक भागीदारी' शुरू करने की योजना की घोषणा की है। इस नई भागीदारी का उद्देश्य, अधिक धन जुटाकर, ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करके, डेटा तक पहुंच और उसके उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण बाधाओं के बारे में कार्रवाई करके, और दुनिया की सांख्यिकीय प्रणालियों के उन्नयन के लिए विशाल डेटा की नई रणनीतियों की पहचान करके डेटा संग्रहण और उसकी निगरानी के प्रयासों को मजबूत करना है।
संयुक्त राष्ट्र सतत विकास के लिए समाधान नेटवर्क एक नया सतत विकास के लिए डेटा पर विषय-क्षेत्र संबंधी नेटवर्क तैयार करके एक नई वैश्विक भागीदारी का समर्थन करेगा, जो डेटा उत्कृष्टता का एक केंद्र स्थापित करने के लिए विविध क्षेत्रों और विषयों से जुड़े प्रमुख डेटा वैज्ञानिकों, विचारकों, और शिक्षाविदों को एक मंच पर लाएगा। हमें प्रसन्नता है कि हम इस नेटवर्क की अध्यक्षता कर रहे है जिसके मूल में यह प्रतिबद्धता है कि तथ्यों और आंकड़ों को वास्तविक विकास की प्रगति में रूपांतरित किया जाए। हमारा यह दृढ़ विश्वास है कि डेटा क्रांति सतत विकास के लिए एक क्रांति सिद्ध हो सकती है, और हम दुनिया भर से भागीदारों का स्वागत करते हैं कि वे हमारे साथ शामिल हों।