पालो आल्टो - एक आदर्श दुनिया में, लोगों को जिन स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत होगी उन तक पहुँच हर जगह, हर किसी को, जितनी राशि वे दे सकते हैं उससे अधिक भुगतान किए बिना प्राप्त होगी। लेकिन क्या "सभी के लिए स्वास्थ्य", जिसे सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के रूप में भी जाना जाता है - केवल अमीर देशों में ही नहीं, बल्कि सबसे गरीब देशों में भी वास्तव में संभव है?
संक्षेप में कहें तो, हाँ। यही कारण है कि हमने लगभग 50 देशों में सैकड़ों साथी अर्थशास्त्रियों के साथ मिलकर नेताओं से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज में निवेशों को प्राथमिकता देने के लिए आग्रह किया है। और रॉकफेलर फाउंडेशन द्वारा आयोजित अर्थशास्त्रियों की इस घोषणा के पीछे जो व्यापक प्रोत्साहन है, और अब जिसके 300 से अधिक हस्ताक्षरकर्ता हैं, उसने वैश्विक स्वास्थ्य और विकास को एक ऐतिहासिक मोड़ पर ला खड़ा किया है।
सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2030 तक गरीबी समाप्त करने, समावेशी समृद्धि लाने, स्वस्थ भूमंडल प्राप्त करने के लिए दुनिया के प्रयासों का मार्गदर्शन करने के लिए 15-वर्षीय वैश्विक लक्ष्यों के एक नए सेट को अपनाया। अब जिस समय दुनिया भर के नेता सबसे अधिक महत्वाकांक्षी सार्वभौमिक किए-जानेवाले-कार्यों की सूची को लागू करने के लिए तैयारी कर रहे हैं - सतत विकास लक्ष्य 1 जनवरी को आरंभ किए जाएँगे - यह निर्णय करना एक चुनौतीपूर्ण काम लग सकता है कि शुरूआत कहाँ से की जाए।
हालाँकि, अर्थशास्त्रियों के लिए इसका जवाब साफ है: विकास की रणनीति के अगले अध्याय में बेहतर स्वास्थ्य को उच्च प्राथमिकता प्रदान की जानी चाहिए - और किसी को भी पीछे नहीं छोड़ देना चाहिए।
पहली और सबसे महत्वपूर्ण की जानेवाली सही चीज़ यह है कि धन की बर्बादी के खतरे के बिना उच्च गुणवत्तावाली, आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ हर किसी तक पहुँचा जाए। स्वास्थ्य और जीवित रहना लगभग हर व्यक्ति के लिए बुनियादी मूल्य हैं। इसके अलावा, भोजन जैसी अन्य कीमती चीज़ों के विपरीत, उनकी आपूर्ति सुविचारित सामाजिक नीति के बिना नहीं की जा सकती।
यह तथ्य कि "रोकी जा सकनेवाली मौतें" कम और मध्यम आय वाले देशों में आम बनी हुई हैं, स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणालियों के टूटे हुए या अल्पसंसाधन वाले होने का लक्षण है, न कि चिकित्सा जानकारी की कमी का। यदि हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश में अभी वृद्धि करते हैं, तो 2030 तक हम उस दुनिया के बहुत करीब हो सकते हैं जिसमें रोकथाम किए जा सकनेवाले कारणों से कोई भी माता-पिता अपने बच्चे को नहीं खो देते हैं - और कोई भी बच्चा अपने माता पिता को नहीं खो देता है।
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सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज भी स्मार्ट है। जब लोग स्वस्थ और आर्थिक रूप से स्थिर होते हैं, तो उनकी अर्थव्यवस्थाएँ अधिक सुदृढ़ और अधिक समृद्ध होती हैं। और, प्रारंभिक लागतों की तुलना में लाभों के दस गुना होने पर स्वास्थ्य में पहले निवेश करना शेष नए वैश्विक विकास के एजेंडा के लिए अंततः लाभकारी सिद्ध होगा।
तो इसलिए सवाल यह नहीं है कि क्या सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज महत्वपूर्ण है या नहीं, बल्कि यह है कि इसे वास्तविक कैसे बनाया जाए। सौ से अधिक देशों ने इस रास्ते पर चलने के लिए कदम उठाए हैं; इस प्रक्रिया में उन्हें सभी के लिए स्वास्थ्य के लक्ष्य की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए महत्वपूर्ण अवसरों और रणनीतियों का पता चला है। विशेष रूप से, हमारा मानना है कि तीन क्षेत्रों - प्रौद्योगिकी, प्रोत्साहन, और प्रत्यक्ष रूप से "गैर-स्वास्थ्य" निवेशों - में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को नाटकीय रूप से प्रगति की ओर ले जाने की क्षमता है।
सबसे पहले, प्रौद्योगिकी तेजी से खेल परिवर्तक होती जा रही है, विशेष रूप से विकासशील देशों में, जहाँ स्वास्थ्य देखभाल के लिए पहुँच में अंतर सबसे अधिक है। केन्या में, जो पहले से ही "एम-पेसा" के माध्यम से मोबाइल मनी में दुनिया में अग्रणी बना हुआ है, टेलीमेडिसिन में हुई प्रगति से ग्रामीण रोगी और स्वास्थ्य चिकित्सक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये केन्या के मुख्य अस्पतालों में कर्मचारियों के साथ बातचीत कर पा रहे हैं - जिससे देखभाल की गुणवत्ता में वृद्धि बहुत कम लागत पर हो रही है।
एम-पेसा फाउंडेशन ने अफ्रीकी मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन के साथ साझेदारी करके, सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण को लागू करना भी आरंभ कर दिया है और समूह को जोड़े रखने और महत्वपूर्ण अद्यतनों को साझा करने के लिए इन प्रशिक्षणों को थोक एसएमएस/WhatsApp समूह संदेशों के साथ जोड़ना शुरू कर दिया है। उच्च मूल्य, कम लागत वाली प्रौद्योगिकियों में निवेशों से हमें हर डॉलर से और अधिक हासिल करने में मदद मिलेगी।
प्रोत्साहनों की शक्ति का उपयोग करना स्वास्थ्य सुधारों में तेजी लाने का एक और तरीका है। इसे गरीब लोगों को स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ प्रदान किए जाने के स्थान पर इनके लिए भुगतान करने के लिए मजबूर किए बिना किया जा सकता है और किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, जब राज्य निजी क्षेत्र के परिणामों (उदाहरण के लिए, टीकाकरण किए गए बच्चों की संख्या या हिस्सेदारी) के आधार पर भुगतान करता है तो यह देखा गया है कि जवाबदेही और परिणाम दोनों में सुधार होता है। युगांडा और केन्या में प्रजनन स्वास्थ्य की देखभाल के लिए वाउचर प्रोग्राम से अब निजी क्षेत्र से उच्च गुणवत्ता की सेवाओं तक पहुँच प्रदान की जा रही है।
अंत में, ऐसी लचीली स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों - जो झटके लगने पर पर्याप्त रूप से मुड़ तो सकें, पर टूटें नहीं - के निर्माण का मतलब उन अन्य सार्वजनिक वस्तुओं में सुधार करना है जो मानव स्वास्थ्य से निकट रूप से जुड़ी हों। इनमें साफ पानी और स्वच्छता, और सड़कें और बुनियादी ढाँचा शामिल हैं जिनसे आपातकालीन देखभाल और सेवाएँ प्रदान करना संभव होता है। स्वास्थ्य प्रणालियाँ शून्य में मौजूद नहीं होती हैं, और यदि हम सतत विकास के बारे में गंभीर हैं, तो यह समझने का समय आ गया है कि पूरक प्रणालियों में किए गए निवेश "लाभ गँवाने के लिए" नहीं बल्कि "लाभ कमाने के लिए" हैं। हमें दवा को बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल मात्र उपाय के रूप में देखने से बचना चाहिए।
दुनिया के विकास के लक्ष्यों की सफलता सबसे गरीब और सबसे वंचित आबादी तक पहुँचने की हमारी क्षमता पर निर्भर करती है जिन्हें दुनिया भर में मौत और अक्षमता का खामियाजा उठाना पड़ता है। यथास्थिति को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ाते रहना उन तक पहुँचने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। इसके बजाय, हमें नई प्रौद्योगिकियों में निवेश करके और उनको बढ़ावा देकर, प्रोत्साहनों को बेहतर बनाकर, और यह स्वीकार करके कि स्वास्थ्य प्रणालियाँ शून्य में मौजूद नहीं होती हैं, स्वास्थ्य प्रणालियों को उनकी सामान्य सीमाओं से आगे ले जाना होगा।
सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, सही है, स्मार्ट है, और इसे बहुत समय पहले हो जाना चाहिए था। एक ऐसी दुनिया को प्राप्त करने के लिए, जिसमें हर किसी की स्वास्थ्य जरूरतें पूरी हों और कोई भी गरीबी में फंसा न रहे, हमारे नेताओं को इस संदेश पर ध्यान देना चाहिए और उस पर काम करना चाहिए।
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Donald Trump and Elon Musk's reign of disruption is crippling research universities’ ability to serve as productive partners in innovation, thus threatening the very system that they purport to celebrate. The Chinese, who are increasingly becoming frontier innovators in their own right, will be forever grateful.
warns that the pillars of US dynamism and competitiveness are being systematically toppled.
US Treasury Secretary Scott Bessent’s defense of President Donald Trump’s trade tariffs as a step toward “rebalancing” the US economy misses the point. While some economies, like China and Germany, need to increase domestic spending, the US needs to increase national saving.
thinks US Treasury Secretary Scott Bessent is neglecting the need for spending cuts in major federal programs.
पालो आल्टो - एक आदर्श दुनिया में, लोगों को जिन स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत होगी उन तक पहुँच हर जगह, हर किसी को, जितनी राशि वे दे सकते हैं उससे अधिक भुगतान किए बिना प्राप्त होगी। लेकिन क्या "सभी के लिए स्वास्थ्य", जिसे सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के रूप में भी जाना जाता है - केवल अमीर देशों में ही नहीं, बल्कि सबसे गरीब देशों में भी वास्तव में संभव है?
संक्षेप में कहें तो, हाँ। यही कारण है कि हमने लगभग 50 देशों में सैकड़ों साथी अर्थशास्त्रियों के साथ मिलकर नेताओं से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज में निवेशों को प्राथमिकता देने के लिए आग्रह किया है। और रॉकफेलर फाउंडेशन द्वारा आयोजित अर्थशास्त्रियों की इस घोषणा के पीछे जो व्यापक प्रोत्साहन है, और अब जिसके 300 से अधिक हस्ताक्षरकर्ता हैं, उसने वैश्विक स्वास्थ्य और विकास को एक ऐतिहासिक मोड़ पर ला खड़ा किया है।
सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2030 तक गरीबी समाप्त करने, समावेशी समृद्धि लाने, स्वस्थ भूमंडल प्राप्त करने के लिए दुनिया के प्रयासों का मार्गदर्शन करने के लिए 15-वर्षीय वैश्विक लक्ष्यों के एक नए सेट को अपनाया। अब जिस समय दुनिया भर के नेता सबसे अधिक महत्वाकांक्षी सार्वभौमिक किए-जानेवाले-कार्यों की सूची को लागू करने के लिए तैयारी कर रहे हैं - सतत विकास लक्ष्य 1 जनवरी को आरंभ किए जाएँगे - यह निर्णय करना एक चुनौतीपूर्ण काम लग सकता है कि शुरूआत कहाँ से की जाए।
हालाँकि, अर्थशास्त्रियों के लिए इसका जवाब साफ है: विकास की रणनीति के अगले अध्याय में बेहतर स्वास्थ्य को उच्च प्राथमिकता प्रदान की जानी चाहिए - और किसी को भी पीछे नहीं छोड़ देना चाहिए।
पहली और सबसे महत्वपूर्ण की जानेवाली सही चीज़ यह है कि धन की बर्बादी के खतरे के बिना उच्च गुणवत्तावाली, आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ हर किसी तक पहुँचा जाए। स्वास्थ्य और जीवित रहना लगभग हर व्यक्ति के लिए बुनियादी मूल्य हैं। इसके अलावा, भोजन जैसी अन्य कीमती चीज़ों के विपरीत, उनकी आपूर्ति सुविचारित सामाजिक नीति के बिना नहीं की जा सकती।
यह तथ्य कि "रोकी जा सकनेवाली मौतें" कम और मध्यम आय वाले देशों में आम बनी हुई हैं, स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणालियों के टूटे हुए या अल्पसंसाधन वाले होने का लक्षण है, न कि चिकित्सा जानकारी की कमी का। यदि हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश में अभी वृद्धि करते हैं, तो 2030 तक हम उस दुनिया के बहुत करीब हो सकते हैं जिसमें रोकथाम किए जा सकनेवाले कारणों से कोई भी माता-पिता अपने बच्चे को नहीं खो देते हैं - और कोई भी बच्चा अपने माता पिता को नहीं खो देता है।
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सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज भी स्मार्ट है। जब लोग स्वस्थ और आर्थिक रूप से स्थिर होते हैं, तो उनकी अर्थव्यवस्थाएँ अधिक सुदृढ़ और अधिक समृद्ध होती हैं। और, प्रारंभिक लागतों की तुलना में लाभों के दस गुना होने पर स्वास्थ्य में पहले निवेश करना शेष नए वैश्विक विकास के एजेंडा के लिए अंततः लाभकारी सिद्ध होगा।
तो इसलिए सवाल यह नहीं है कि क्या सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज महत्वपूर्ण है या नहीं, बल्कि यह है कि इसे वास्तविक कैसे बनाया जाए। सौ से अधिक देशों ने इस रास्ते पर चलने के लिए कदम उठाए हैं; इस प्रक्रिया में उन्हें सभी के लिए स्वास्थ्य के लक्ष्य की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए महत्वपूर्ण अवसरों और रणनीतियों का पता चला है। विशेष रूप से, हमारा मानना है कि तीन क्षेत्रों - प्रौद्योगिकी, प्रोत्साहन, और प्रत्यक्ष रूप से "गैर-स्वास्थ्य" निवेशों - में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को नाटकीय रूप से प्रगति की ओर ले जाने की क्षमता है।
सबसे पहले, प्रौद्योगिकी तेजी से खेल परिवर्तक होती जा रही है, विशेष रूप से विकासशील देशों में, जहाँ स्वास्थ्य देखभाल के लिए पहुँच में अंतर सबसे अधिक है। केन्या में, जो पहले से ही "एम-पेसा" के माध्यम से मोबाइल मनी में दुनिया में अग्रणी बना हुआ है, टेलीमेडिसिन में हुई प्रगति से ग्रामीण रोगी और स्वास्थ्य चिकित्सक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये केन्या के मुख्य अस्पतालों में कर्मचारियों के साथ बातचीत कर पा रहे हैं - जिससे देखभाल की गुणवत्ता में वृद्धि बहुत कम लागत पर हो रही है।
एम-पेसा फाउंडेशन ने अफ्रीकी मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन के साथ साझेदारी करके, सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण को लागू करना भी आरंभ कर दिया है और समूह को जोड़े रखने और महत्वपूर्ण अद्यतनों को साझा करने के लिए इन प्रशिक्षणों को थोक एसएमएस/WhatsApp समूह संदेशों के साथ जोड़ना शुरू कर दिया है। उच्च मूल्य, कम लागत वाली प्रौद्योगिकियों में निवेशों से हमें हर डॉलर से और अधिक हासिल करने में मदद मिलेगी।
प्रोत्साहनों की शक्ति का उपयोग करना स्वास्थ्य सुधारों में तेजी लाने का एक और तरीका है। इसे गरीब लोगों को स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ प्रदान किए जाने के स्थान पर इनके लिए भुगतान करने के लिए मजबूर किए बिना किया जा सकता है और किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, जब राज्य निजी क्षेत्र के परिणामों (उदाहरण के लिए, टीकाकरण किए गए बच्चों की संख्या या हिस्सेदारी) के आधार पर भुगतान करता है तो यह देखा गया है कि जवाबदेही और परिणाम दोनों में सुधार होता है। युगांडा और केन्या में प्रजनन स्वास्थ्य की देखभाल के लिए वाउचर प्रोग्राम से अब निजी क्षेत्र से उच्च गुणवत्ता की सेवाओं तक पहुँच प्रदान की जा रही है।
अंत में, ऐसी लचीली स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों - जो झटके लगने पर पर्याप्त रूप से मुड़ तो सकें, पर टूटें नहीं - के निर्माण का मतलब उन अन्य सार्वजनिक वस्तुओं में सुधार करना है जो मानव स्वास्थ्य से निकट रूप से जुड़ी हों। इनमें साफ पानी और स्वच्छता, और सड़कें और बुनियादी ढाँचा शामिल हैं जिनसे आपातकालीन देखभाल और सेवाएँ प्रदान करना संभव होता है। स्वास्थ्य प्रणालियाँ शून्य में मौजूद नहीं होती हैं, और यदि हम सतत विकास के बारे में गंभीर हैं, तो यह समझने का समय आ गया है कि पूरक प्रणालियों में किए गए निवेश "लाभ गँवाने के लिए" नहीं बल्कि "लाभ कमाने के लिए" हैं। हमें दवा को बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल मात्र उपाय के रूप में देखने से बचना चाहिए।
दुनिया के विकास के लक्ष्यों की सफलता सबसे गरीब और सबसे वंचित आबादी तक पहुँचने की हमारी क्षमता पर निर्भर करती है जिन्हें दुनिया भर में मौत और अक्षमता का खामियाजा उठाना पड़ता है। यथास्थिति को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ाते रहना उन तक पहुँचने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। इसके बजाय, हमें नई प्रौद्योगिकियों में निवेश करके और उनको बढ़ावा देकर, प्रोत्साहनों को बेहतर बनाकर, और यह स्वीकार करके कि स्वास्थ्य प्रणालियाँ शून्य में मौजूद नहीं होती हैं, स्वास्थ्य प्रणालियों को उनकी सामान्य सीमाओं से आगे ले जाना होगा।
सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, सही है, स्मार्ट है, और इसे बहुत समय पहले हो जाना चाहिए था। एक ऐसी दुनिया को प्राप्त करने के लिए, जिसमें हर किसी की स्वास्थ्य जरूरतें पूरी हों और कोई भी गरीबी में फंसा न रहे, हमारे नेताओं को इस संदेश पर ध्यान देना चाहिए और उस पर काम करना चाहिए।